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क्या गुजरात में 40 में से 100 बच्चे कुपोषित हैं?

1 घंटे पहले को अपडेट 3 1 min read

गुजरात में कुपोषण के मामले पर विवाद बढ़ा, 40% बच्चों के कुपोषित होने का दावा। सरकारी आंकड़ों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित विश्लेषण।

परिचय

गुजरात में बच्चों के कुपोषण को लेकर हाल ही में एक विवादास्पद दावा सामने आया है कि राज्य में 100 में से 40 बच्चे कुपोषित हैं। इस दावे ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी हलचल मचा दी है।

दावे की जांच

इस दावे की जांच करने पर विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के आंकड़े सामने आते हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के मुताबिक, गुजरात में कुपोषण की समस्या है, लेकिन यह 40% के करीब नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2020-21 के NFHS आंकड़े बताते हैं कि गुजरात में 26.4% बच्चे कुपोषित हैं।

सरकारी पहल

गुजरात सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है। इनमें आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण और पोषण अभियान शामिल हैं।

सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के माध्यम से कुपोषण की दर में गिरावट आई है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या की जड़ में गरीबी, जागरूकता की कमी और पोषणयुक्त आहार की अनुपलब्धता है।

"कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण हैं," एक पोषण विशेषज्ञ का कहना है।

निष्कर्ष

हालांकि गुजरात में कुपोषण एक गंभीर समस्या है, लेकिन 40% का दावा अतिशयोक्ति है। सही आंकड़ों और सरकारी प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

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इस लेख के लेखक

satish

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